
मैहर के नारायण की माया अपरंपार…भाजपा के बाद अब फिर कांग्रेस में नारायण…नारायण

मैहर के विधायक नारायण त्रिपाठी ने भाजपा छोड़ दी है यह तो बहुत पहले से तय था, विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिए है यानी विधायक पद से दिया इस्तीफा,साथ मे भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दिया है। यह भी पहले से तय था। अभी तक भाजपा में नारायण के नाम का हल्ला था… वे पिछले 4 बरस से हमारा विन्ध्य हमे लौटा दो का नारा लेकर चल रहे थे, मुखर होकर बोल रहे थे…विन्ध्य जनता पार्टी गठन का एलान भी कर दिया गया था और प्रत्याशियों को उतारने की भी तैयारी की गई थी…लेकिन चुनावी रण का बिगुल बजते ही राजनीतिक समीकरण कुछ यूं बदला की अब कांग्रेस में नारायण…नारायण का शोर-गुल सुनाई देने लगा है। राजनीतिक चर्चाओं पर गौर किया जाए तो अब भाजपा का त्याग करने के बाद नारायण कांग्रेस का हाथ थामकर मैहर के चुनावी रण में ताल ठोकते नजर आएंगे और सीधा मुकाबला 5 साल बाद फिर नारायण और श्रीकांत के बीच होगा।
चुनाव चिन्ह बदले, प्रत्याशी वही
मैहर का मतदाता अपना प्रधान सेवक किसे चुनेगा यह तो भविष्य की गर्त में है, लेकिन चुनाव मैदान में चेहरे वही है, सिर्फ चुनाव चिन्ह बदल रहा है, उस बार कांग्रेस से श्रीकांत चतुर्वेदी मैदान में थे, भाजपा से नारायण…तो इस बार सिंबल बदला नजर आएगा। नवरात्र प्रारम्भ होते ही नारायण त्रिपाठी का अगला कदम साफ हो जाएगा और वे 15 या फिर 16 अक्टूबर को पूरी तैयारी के साथ मैहर के चुनावी रण में उतरने का बिगुल बजाएंगे. नारायण मैहर विधानसभा के ऐसे नेता है जो लगातार चुनाव जीतते आ रहे है…निर्दलीय से राजनीतिक सफर प्रारम्भ होकर सपा, कांग्रेस, भाजपा अब फिर एक बार कांग्रेस की टिकट से उतरने की 99 फीसदी संभावना है।







