ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चे भी बन सकेंगे IAS: संस्कृति IAS Coaching के CEO श्री शिवेश मिश्रा

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संस्कृति IAS Coaching द्वारा अभ्यर्थियों के हित में किए जा रहे प्रयासों की चर्चा पर संस्कृति IAS के CEO श्री शिवेश मिश्रा सर ने ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों एवं माता-पिता को विश्वास दिलाया है कि अब तैयारी में शहर और भाषा बाधा नहीं बनेगी। कोई भी अभ्यर्थी जो IAS बनने का सपना देख रहा है अब उसे साकार भी कर सकेगा।
श्री शिवेश सर संस्कृति IAS के CEO हैं। संस्कृति IAS की स्थापना के पूर्व सर दृष्टि IAS के CEO थे। इस क्षेत्र में सर के डेढ़ दशक से अधिक अनुभव के साथ छात्र हित में नवाचारी दृष्टिकोण से संस्कृति IAS कोचिंग का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

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आप को बता दूँ संस्कृति IAS Coaching UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने वाली देश की सर्वश्रेष्ठ संस्था है। इस कोचिंग की सफलता दर ने साबित कर दिया है कि हिन्दी माध्यम की कोचिंग में इसका कोई विकल्प नहीं है। विगत वर्षों में हिन्दी माध्यम से चयनित होने वाले लगभग प्रत्येक अभ्यर्थी का सम्बन्ध संस्कृति IAS से रहा है।

संस्कृति IAS के CEO श्री शिवेश सर से बात करने पर पता चला कि संस्था की कामयाबी का राज संस्था द्वारा किए जा रहे नवाचार हैं। संक्षिप्त चर्चा करते हुए कुछ नवाचारों को सर ने साझा किया जो नीचे लिखे हैं-

1. PGP (Prelims Guided Programme) संचालित किया जा रहा है। होता यह था कि प्रारंभिक परीक्षा में चयन दर कम रह जाने से अंतिम चयन सूची में हिन्दी माध्यम पीछे छूट जाता था। PGP कार्यक्रम से प्रारम्भिक परीक्षा में चयन दर बढ़ गयी है, जिसका परिणाम अंतिम चयन सूची में स्पष्ट दिखने लगा है। अब स्थिति यह है कि मेहनत करने वाला अभ्यर्थी अवश्य चयनित होगा। भाषा बाधा नहीं होगी।

2. प्रारंभिक परीक्षा के लिए ही PREP (Prepration Enrichment programme) संचालित हो रहा है। प्रत्येक सप्ताह शनिवार को एक टेस्ट का आयोजन होता है, जिसमें विषयवार महत्त्वपूर्ण प्रश्न पूछे जाते हैं। यह छात्रों को अद्यतन (update) रखने में सहायता करता है।

3. मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए MGP (Mains Guided Programme) संचालित किया जा रहा है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य है लेखन प्रस्तुति को प्रभावी बनाना है, जिसमें भाषा, वाक्य-विन्यास, प्रवाह आदि पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

4. प्रत्येक स्तर पर मार्गदर्शन के लिए मेंटरशिप कार्यक्रम चलाया जा रहा है। कक्षा के अतिरिक्त इस कार्यक्रम में अभ्यर्थी यहाँ पढ़ा रहे अध्यापकों से मिलकर अपने डाउट सुलझाते हैं। चूँकि यहाँ से मेंटरशिप कार्यक्रम में ख़ास बात यह है कि कक्षाओं में पढ़ाने वाले अध्यापक ही मेंटर हैं।

5. इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम में प्री मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है। पैनल के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाता है। यह प्रोग्राम खामियों को पहचानकर उन्हें संशोधन करने का अवसर देता है।

6. गरीब विद्यार्थियों के लिए स्कालरशिप प्रोग्राम की भी शुरुआत की गई है।

सर ने कहा संस्था द्वारा अनेक कार्यक्रम खासकर ग्रामीण परिवेश के अभ्यर्थियों को ध्यान में रखकर चलाए जा रहे हैं। सर का उद्देश्य है कि ग्रामीण अभिभावकों की गाढ़ी कमाई का सदुपयोग हो सके और अभ्यर्थी अपने माता-पिता के सपनों को पूरा कर सके।

 

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