
*भारत हिन्दू राष्ट्र घोषित होगा और विश्वगुरु भी बनेगा-स्वामी प्रबोधानंद गिरी*
*बरही के सरस्वती स्कूल गिरधर सभागार में हिन्दू रक्षा सेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रबोधानंद गिरी का प्रबोधन कार्यक्रम*
बरही/कटनी। भारत विश्वगुरु भी घोषित होगा और हिन्दू राष्ट्र भी बनेगा, भारत को सर्वोत्तम देश बनाएंगें, हम संस्कारवान, प्रतिभावान, सर्वोत्तम देश का निर्माण करेंगे, प्रभु श्रीरामलला ने संदेश दे दिया है, विश्व को हम प्रेरणा दे सके, इसलिए हम सबमिलकर राष्ट्रनिर्माण के लिए जुट जाए। यह आह्वान बरही के सरस्वती स्कूल स्थित गिरधर सभागार में आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम में हिन्दू रक्षा सेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, धर्म संसद के अध्यक्ष एवं जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी जी महाराज ने महाराज ने व्यक्त करते हुए आह्वान किया कि भारत देश को पुनः सोने की चिड़िया बनाने के लिए जिस तरह लंका पहुँचने के लिए रामसेतु निर्माण में गिलहरी ने सेवा कार्य किया था, ठीक उसी तरह गिलहरी की भूमिका में सभी को सेवा कार्य करने का ओजपूर्ण प्रबोधन दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की छायाचित्र में दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना के साथ हुआ। तदुपरांत मंचासीन धर्म संसद के अध्यक्ष स्वामी श्री प्रबोधानंद गिरी जी का स्कूल समिति अध्यक्ष रामावतार अग्रवाल, नपा अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल, काशीराम दुबे, प्रभाकर तिवारी, विपिन सोनी ने शाल श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया।
विद्यर्थियों व सभागार उपस्थित जनमानस को संबोधित करते हुए गिरी जी ने कहा कि भारत विश्व का डायनिंग टेबिल है, भारत की ही पावन भूमि में प्रभु अपने 24 अवतार में अवतरित होते है, हमे देश के विवेकानंद जैसा व्यक्ति बनना है, स्वामी जी ने अपने सम्पूर्ण जीवन को देश के लिए आहुति दी है, जो देश और धर्म के लिए जीते है, उन्हें हर कोई याद करते है। उन्होंने कहा कि जो शरीर देश और धर्म के लिए काम न आए वह बेकार है। गौरतलब है कि स्वामी श्री प्रबोधानंद गिरी जी समाज को जागरूक करने के अभियान को लेकर 1985 से जन जागृति अभियान चला रहे है और इसी अभियान की कड़ी में वे गत 22 जनवरी को अयोध्या में प्रभु श्रीराम लला की प्राण-प्रतिष्ठा में शामिल होने के उपरांत चित्रकूट, मैहर के बाद बरही नगर के प्रवास पर है।
*श्रीराम ने कहा स्वामी जी की तरह बनूगा*
प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में स्वामी गिरी जी महाराज ने बच्चों से पूछा क्या बनना चाहते है, किसी ने डॉक्टर, इंजीनियर, तो किसी ने प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जाहिर की, लेकिन स्कूल के कक्षा 8वी के छात्रा श्रीराम जायसवाल ने कहा कि मैं स्वामी विवेकानंद की तरह बनना चाहता हूँ, क्योंकि उन्होंने राष्ट्र निर्माण में अपने जीवन का त्याग किए थे। यह सुनकर छात्र श्रीराम को स्वामी गिरी जी ने अपने बगल में मंच में न सिर्फ स्थान दिए, बल्कि उस बालक को सम्मानित भी किया गया।







