
कागजों में सिमटा बरही का स्वच्छ भारत अभियान
धूल से सना बरही नगर का चौराहा
शिवमंदिर प्रवेश द्वार में गंदगी का अंबार
I
Iस्वच्छता की राशि मे मौज कर रहे जिम्मेदार
बरही। नगर परिषद बरही द्वारा स्वच्छता अभियान का मजाक बनाया जा रहा है। नगर के मुख्य चौराहे पर स्थापित मूर्ति में 21 जनवरी को ऊपर से लाइटिंग झालर तो लगा दी गई, लेकिन धूल के गुब्बार से सने व बिखरे गंदगी को साफ नही किया है। अब कल 26 जनवरी है फिर भी नगर परिषद यहां सफाई को लेकर उदासीन है, जबकि हर महीने स्वच्छता और स्वच्छता अभियान के नाम पर लाखों रुपए की राशि कागजों में बंदरबाट करने का जमकर खेला हो रहा है। आरोप है कि स्वच्छता सामग्री हर दूसरे माह कागजों में क्रय की जा रही है, जिम्मेदार स्वच्छता प्राभारी व जिम्मेदार अधिकारी मौज कर रहे है, और स्वच्छ भारत मिशन की राशि कागजों में ही ख़र्च हो रही है।

हद हो गई
हद तो इस बात की हो गई कि नगर परिषद बरही में न तो सफाई कर्मियों की कमी है और न ही संसाधन की, वाबजूद इसके नगर की स्वच्छता व्यवस्था महज भगवान भरोसे चल रही है। बरही नगर के चौराहे में हर दिन नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों का जमावड़ा रहता है, फिर भी इन्हें भी स्वच्छता से शायद कोई सरोकार नही है। पूर्व स्वच्छता प्राभारी रामलाल के निधन के बाद नगर की सफाई व्यवस्था चौपट नजर आ रही है।
विजयनाथधाम प्रवेश मार्ग में भी गंदगी
बरही नगर के चौराहे के अलावा नगर व समूचे क्षेत्र की धार्मिक आस्था का मुख्य केंद्र विजयनाथधाम शिव मंदिर प्रवेश द्वार में भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है, नालियां बजबजा रही है। यहां हर दिन सैकड़ो श्रद्धालु आते-जाते है, जो गंदगी व बदबू से परेशान है। इस बारे में नपा अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल का कहना है कि इस संबंध में कल ही निर्देश दिए गए है, सफाई कर्मियों के रूट निर्धारित करने निर्देश दिए है है और जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी।







