
कटनी से बड़ी खबर
*जल प्रदाय योजना इंदवार प्रोजेक्ट के ठेकेदार पर FIR दर्ज कराने कटनी कलेक्टर ने दिए निर्देश*
*कटनी जिले के 52 ग्रामों में हर घर नल से जल पहुचाने की योजना पर वांछित प्रगति नही*
* *मध्यप्रदेश जल निगम के डीजीएम समीर कौशल ने प्रोजेक्ट में प्रगति न होने की दी थी जानकारी*
*इंडियन ह्यूमन पाइप(आईएचपी)का है ठेका*
*345 करोड़ रुपए के वृहद प्रोजेक्ट पर लगा है ग्रहण*
*2023 तक हर घर मे नल से जल सप्लाई का था ठेका*
कटनी।सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई समय सीमा की बैठक में कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने जल प्रदाय योजना इंदवार प्रोजेक्ट से कटनी जिले के 52 ग्रामों में वांछित प्रगति न होने की जानकारी मिलने पर ठेकेदार के खिलाफ एफआईआई दर्ज कराने के साथ ही भुगतान पर रोक कराने के निर्देश दिए।उमरिया जिले के मानपुर ब्लाक के साथ ही कटनी जिले के विजयराघवगढ़ और बरही तहसील के 52 गांव में लगभग 345 करोड़ की यह वृहद परियोजना से 2023 तक पानी पहुचाना था, जिसमे ठेकेदार के कारनामो से ग्रहण लगा हुआ है।
गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से अभी तक कटनी जिले के किसी भी गांव में सुचारू रूप से नल से जल नही मिल रहा है, सिर्फ कागजों में योजना की प्रगति दिखाने का कारनामा किया जा रहा है। कागजो में ही जिले के 7 गाँव मे पेयजल आपूर्ति का दावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत सिर्फ टेस्टिंग तक ही है। पिछले 5 साल से यह योजना चल रही है, नल लगे है, लेकिन उनमें पानी नही मिल रहा है। पाइप लाइन जगह-जगह लीकेज है, जिससे यह योजना सिर्फ ठेकेदार को मालामाल करने की ही योजना बनकर रह गई है।
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा बैठक मे सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले टीम कटनी के अधिकारियों को शाबाशी दी, वहीं लचर प्रदर्शन के साथ सी और डी श्रेणी में रहनें वाले नौ विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिशिर गेमावत, अपर कलेक्टर श्रीमती साधना परस्ते सहित अन्य जिला अधिकारी मौजूद रहे।
*ठेकेदार पर करायें एफ.आई.आर*
मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा क्रियान्वित ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना इंदवार से कटनी जिले के 52 ग्रामों मे पेयजल आपूर्ति किया जाना था। लेकिन इस कार्य में वांछित प्रगति नहीं हो पाने की जानकारी मध्यप्रदेश जल निगम के डीजीएम समीर कौशल द्वारा दिये जाने पर कलेक्टर श्री यादव ने संबंधित ठेकेदार के विरूद्ध एफ.आई.आर दर्ज कराने और भुगतान पर रोक लगानें के निर्देश दिए।







