
पति-पत्नी, चाचा-भतीजी में हुआ सुलह
बरही में लगे नेशनल लोक अदालत में हुआ समझौता
2 साल से जुदा पति-पत्नी हुए एक
बरही। आपसी सुलह से लंबित प्रकरणों को निपटाने के लिए लोक अदालत के माध्यम किए जा रहे प्रयास कारगर साबित हो रहे है। सिविल न्यायालय बरही में शनिवार को लगे नेशनल लोक अदालत में 2 साल से जुदा पति-पत्नी एक होकर खुशी-खुशी अपने घर लौटे। लोक अदालत में प्रथम श्रेणी व्यवहार न्यायाधीश श्रीमती विजयश्री सूर्यवंशी द्वारा द्वीप प्रज्ज्वलन कर लोक अदालत का शुभारंभ कराया गया। बरही नगर परिषद क्षेत्र के हरतला के सुरेश सिंह गौड़ का विवाद पत्नी शांति बाई से 2 साल से चल रहा था, दोनों अलग-अलग रह रहे थे, दोनों के 2 बच्चे भी है, ऐसी स्थिति में परिवार में तनाव होने से पूरा परिवार बिखर रहा था। आज दोनों के बीच सुलह कराया गया, दोनों ने अब विवाद न करने की कसमे भी खाई और दोनों एक बार फिर एक-दूजे के होकर अपने घर लौटे। इस मसले को अधिवक्ता बी. डी. अवस्थी, मनीष दुबे ने सुलह कराने में अहम भूमिका निभाई। न्यायाधीश श्रीमती विजयश्री सूर्यवंशी ने दोनों पति-पति को सामंजस्य बनाकर रहने मोटिवेट किए।
चाचा-भतीजी का भी निपट गया विवाद


बरही थानाक्षेत्र के ग्राम बग्धरी-लुरमी के रहने वाले रूपलाल गौड़ 65 वर्ष का विवाद उसकी भतीजी मनीषा सिंह गौड़ से चल रहा था, जमीन के हिस्से को लेकर मारपीट, गाली-गलौज कस मामला दर्ज हुआ था। आज इन दोनों के बीच भी सुलह हो गई। अधिवक्ता विजय कुशवाहा, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सचिन्द्र सिंह बघेल ने सुलह कराने में रोल अदा किया, जिससे चाचा-भतीजी के दुबारा विवाद न करने की शपथ लेकर घर लौटे। इस दौरान न्यायधीश श्रीमती विजयश्री सूर्यवंशी ऐसे उलझे हुए प्रकरणों को सुलझाने का हर सम्भव प्रयास कर रही थी। लोक अदालत में सिविल, बैंक, नगर परिषद सहित अन्य विभागों के प्रकरणों को आपसी सुलह से निपटाने का प्रयास किया जा रहा था।







