
*जंगल और जीव-जंतुओं, जड़ी-बूटियों से कराया अवगत*
इंट्रो-मैं भी बाघ हूँ थीम पर बरही के करौदी जंगल में सम्पन्न हुए इको-अनुभूति शिविर में बाघ के पगमार्क, चीतल के सींग देख विद्यार्थी रोमांचित हुए। वन वन अधिकारियों व मास्टर ट्रेनर द्वारा जंगल, जीव-जंतु और मानव जीवन मे इसके सीधे महत्त्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। करीब 200 छात्र-छात्राओं ने भागीदारी की।

(बरही से आनंद सराफ)
कटनी/बरही। मध्यप्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड के माध्यम से वन परिक्षेत्र बड़वारा/बरही अन्तर्गत ग्राम करौदी/कुआँ के जंगल मे अनुभूति कैम्प का आयोजन गुरुवार को किया गया।”मैं भी बाघ हूँ” थीम पर आयोजित इस शिविर में शासकीय कन्या एवं बालक स्कूल व हाई स्कूल कुआँ के करीब 200 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता निभाई। कैम्प में
डेविड व्यंकटराव चनाप भारतीय वन सेवा प्रशिक्षु रेंजर बड़वारा/बरही, रामयश मिश्रा, उपवन क्षेत्रपाल बरही, डिप्टी रेंजर पंकज द्विवेदी, अनिल सिंह, राजेन्द्र कर्ण बड़वारा, चंचल पांडे, अनुराग शर्मा, विपिन शर्मा आदि मौजूद रहे।

स्कूली बच्चों के लिए पर्यावरण के प्रति प्रशिक्षण सह जागरूकता अनुभूति कार्यक्रम में विद्यार्थियों को जंगल की अनुभूति कराई गई। अनुभूति कैंप में छात्र-छात्राओं को अनुभूति पुस्तक एवं कैप का वितरण किया गया। जंगल भ्रमण के दौरान पारिस्थितिकीय तंत्र के बारे समझाया गया। वन्य प्राणी, पक्षियों, तितलियों के बारे में जानकारी दी गई एवं मानव जीवन में इनके महत्व को समझाया गया।
जंगल भ्रमण करते हुए बच्चो को वन्य प्राणियों के अप्रत्यक्ष प्रमाण जैसे बाघ, तेंदुआ, लकड़बग्घे एवं सियार की विष्ठा, चीतल, हिरण की लेंडिया, सींग व पगमार्क दिखाये गए। इस दौरान जलीय एवं चारागाह क्षेत्र में पाए जाने वाले पक्षियों की विभिन्न प्रजाति, वन्य प्राणी आंकलन के विभिन्न तरीकों कैमरा ट्रैप, पग मार्क इंप्रेशन पेड एवं लाइन ट्रांजेक्शन आदि के बारे में बच्चो को जानकारी दी गई।
मैं भी बाघ थीम पर अनुभूति अनुभूति कैंप मैं भी बाघ थीम पर बच्चों को जंगल में बाघ एवं अन्य वन्य जीवों के महत्व के बारे में बताया गया। जंगल भ्रमण उपरांत बच्चों के लिए जैव विविधता प्रश्नमंच का आयोजन भी किया गया।

इनकी भी रही मौजूदगी
अनुभूति कैम्प में बरही थाना प्रभारी अरविंद चौबे, पूर्व जनपद अध्यक्ष लाल जी मिश्रा, नपा बरही अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल, उपाध्यक्ष मोहन सिंह गौड़, पार्षद संतोष द्विवेदी, दीनदयाल अंत्योदय प्रकोष्ट संयोजक डारेश्वर पाठक, अंजनी सिंह, डॉ जगदीश गुप्ता, पी डी ताम्रकार, नवल सिंह चतुर्वेदी, प्रभुदत्त तिवारी सहित मीडिया कर्मियों की मौजूदगी रही।







