
परिवहन की मंथर रफ्तार से लगा धान के ढेर का पहाड़
कटनी। जिले के धान उपार्जन केंद्रों में तेज गति से खरीदी का दौर तो जारी है, लेकिन परिवहन की रफ्तार मंथर गति से होने की वजह से उपार्जन केंद्रों में धान के ढेर का पहाड़ बन गए है। आलम यह है कि अब केंद्रों में किसानों को धान रखने की जगह नही मिल रही है। कटनी जिले के बरही क्षेत्र की हदरहटा केंद्र क्रमांक 1 व 2 में धान के बोरियों का अंबार लगा हुआ है। यही स्थिति पिपरियाकलां स्थित ललित राज वेयर हाउस में संचालित केंद्र की है। हदरहटा के राधा व शारदा स्व-सहायता समूह के केंद्रों में धान के बोरियों का पहाड़ बन गया है। वही ललितराज वेयर हाउस पैक हो चुका है। उक्त केंद्रों में अब खुले आसमान में धान के ढेर लगे है। धीरे-धीरे मौसम के मिजाज में भी बदलाव हो रहा है, समय रहते परिवहन की रफ्तार नही बढ़ी तो किसानों की उपज का नुक नुकसान हो जाएगा।
खुले आसमान में 50 हजार क्विंटल धान
बताया गया है कि हदरहटा के राधा समूह में करीब 10 हजयर तो शारदा समूह द्वारा साढ़े 8 हजार क्विंटल की खरीदी की गई है, जबकि इन दोनों केंद्रों से परिवहन अभी तक लगभग 7 हजार क्विंटल हुआ है। जबकि दोनों केंद्रों में खरीदी के लिए अभी भी करीब 40 हजार क्विंटल धान खुले आसमान में रखी है।
खितौली/करेला केंद्र में वारदाना की कमी
समिति स्तर पर खितौली/करेला केंद्र में अब तक 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जबकि यहां परिदान की स्थिति संतोषजनक बताई गई है। इस केंद्र में आज खरीदी वारदाना की कमी की वजह से प्रभावित बताई गई है।







