
तबाही का मंजर-गेंहू की फसल
बरही तहसील क्षेत्र में बरपा प्राकृतिक कहर
बेमौसम बारिश-ओलों से बर्वाद हुई खड़ी फसल
गेंहू, चना-मसूर, सरसों की फसल हुई तबाह
बरही के बरनमोहगवां, करेला गांव में गिरे ओले
बरही/कटनी। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलें चौपट हो गई है। अन्नदाता इस प्राकृतिक कहर पर आंसू बहा रहा है। तहसील क्षेत्र बरही के खितौली अंचल के ग्राम बरनमहंगवा गांव में बीती शाम करीब 5 बजे तेज बारिश के साथ ओले गिरे है। ओलावृष्टि के प्रहार से खड़ी गेंहू, चना, मसूर, सरसों की फसल तबाह हो गई। यही हाल क्षेत्र के गड़ोहा, बुजबुजा, बरही सहित अन्य अन्य में हुआ है। बरनमोहगवां के किसान भैया गोस्वामी, सुदर्शन कुशवाहा, योगेंद्र गिरी गोस्वामी, केशव गिरी गोस्वामी, नरेश कुशवाहा सहित अन्य किसानों के खेतों में लहलहा रही गेंहू सहित अन्य फसलें तबाह हो गई है।
प्राकृतिक विपदा से किसान चिंतित और लाचार है, किसानों को इस बार उम्मीद थी कि फसल बेहतर होने के बाद बाजार से लिए कर्ज को चुकाएंगे लेकिन तेज बारिश और ओले की वजह से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। किसानों ने प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराया है, बारिश और ओले के कारण नष्ट हुई फसलों का जांच कर उचित मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है।
इधर 25 एकड़ की सरसो बर्वाद
बरही के किसान सैयद वसारत, लियाकत के बरही सहित गडौहा-बुजबुजा, छिन्दया टोला स्थित खेतों में करीब 27 एकड़ क्षेत्रफल में सरसों की फसल लहलहा रही थी, जिसकी कटाई की तैयारी की जा रही थी, लेकिन बरपे प्राकृतिक कहर से सरसो की फसल चौपट हो गई।
इनका कहना है:- क्षेत्र के बरनमोहगवां, करेला सहित अन्य गांव में ओला गिरने से फसल खराब होने की जानकारी मिली है, राजस्व टीम, पटवारी, आरआई फसलों के नुकसान का आंकलन लगाने फील्ड में तैनात है:- नितिन पटेल-तहसीलदार, तहसील बरही।







