
बरही में अनधिकृत कॉलोनी से सभी निर्माण हटाने 15 दिन की मोहलत
कटनी के बरही में अनाधिकृत कॉलोनी विकसित करने पर मनीष प्रसाद चौबे को जारी हुआ अंतिम सूचना पत्र
कटनी। अवैध रूप से कालोनी विकसित करने के मामले में कटनी जिले का बरही नगर पहले से ही सुर्खियों में है। इस दफा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कटनी ने बरही तहसील अंतर्गत भू-स्वामी मनीष प्रसाद चौबे पिता महेश प्रसाद चौबे को अनाधिकृत रूप से विकसित की गई कालोनी से 15 दिन के अंदर सभी निर्माण हटाने की मोहलत देते हुए अंतिम सूचना पत्र जारी किया गया है। मप्र नगरपालिका अधिनियम 1961 तथा मप्र नगरपालिका कालोनी विकास नियम 2021 के तहत कार्रवाई करते हुए अंतिम सूचना पत्र जारी किया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने इस संबंध में मनीष प्रसाद चौबे को समक्ष में उपस्थित होकर पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
भूमि को खंड-खंड कर 30 विक्रय पत्र का हुआ निष्पादन
कलेक्टर न्यायालय में प्रचलित इस मामले में मनीष प्रसाद चौबे पिता महेश प्रसाद चौबे द्वारा ग्राम बरही में कृषि भूमि 2021/22 अनुसार खसरा नंबर 982/1/क/1/1/2/1 रकवा 0.538 हेक्टेयर एवं खसरा नंबर 982/1/2/1 रकवा 0.202 हेक्टेयर में से कुल 30 रजिस्टर्ड विक्रय पत्र निष्पादित किए गए। यह विक्रय आवासीय प्रयोजन की दृष्टि से किया गया है, जो अवैध प्लाटिंग की श्रेणी में आता है। मनीष प्रसाद चौबे द्वारा भूमि को सक्षम अनुमति के बिना भू-खण्डों में विभाजित कर भिन्न-भिन्न व्यक्तियों को आवासीय प्रयोजन हेतु विक्रय किया गया है।
इन नियमों का उल्लंघन
कालोनाइजर द्वारा कलेक्टर न्यायालय में प्लाट विक्रय के संबंध में वैध प्लाटिंग की अनुज्ञप्ति पेश नहीं की गई। उल्लेखित खसरा नंबर के रकवे आपस में लगे हुए हैं। वर्ग फुट में भूमि का विक्रय किये जाने से प्रथम दृष्टया अनाधिकृत कालोनी निर्माण दृष्टिगत होता है। जो कि मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 का उल्लंघन है। अनुविभागीय अधिकारी विजयराघवगढ़ के प्रतिवेदन के अनुसार विक्रेता द्वारा बिना सक्षम अनुमति के कालोनाइजर अधिनियम का उल्लंघन कर कालोनी का विकास किया जा रहा है, जो अनाधिकृत कालोनी विकास की श्रेणी में आता है। वैध प्लाटिंग की अनुमति प्रस्तुत नहीं किया गया है, लेकिन विक्रेता के पास नगर पालिका अधिनियम 1996 की धारा के तहत रजिस्टर्ड कॉलोनाइजर की अनुमति नहीं है। अनुज्ञा प्राप्त किए बिना कालोनी का विकास कार्य नियमों का उल्लंघन है।







