
बरही कॉलेज का बदहाल बॉटनिकल गार्डेन
पौधों व ओषधीय पौधों को संग्रहण के नाम पर खानापूर्ति
बरही। शासकीय महाविद्यालय बरही में बॉटनिकल गार्डेन का निर्माण किया गया है, जो बदहाली का दंश झेल रहा है। कालेज के इस गार्डन में एक भी जीवित पौधें नही दिखेंगें, जबकि पिछले 3 साल से इस गार्डन निर्माण की खानापूर्ति ही की गई है। दृश्य बरही के इस बॉटनिकल गार्डेन की खुद बदहाली बयां कर रहा है, जबकि इसके निर्माण में लाखों रुपए की आहुति दी जा चुकी है।
क्या है बॉटनिकल गार्डेन!
जीवित पौधों का संग्रहण करने के साथ ही पौधों की जानकारी विद्याथियों को देने के मकसद से बॉटनिकल गार्डेन का निर्माण करने के निर्देश है, ताकि छात्र-छात्राओं को पौधों की किस्म, उसके ओषधीय गुणों की जानकारी होने के साथ ही स्वच्छ व स्वस्थ्य वातावरण का निर्माण करने के मकसद से कॉलेज कैम्पस में ही इस तरह के गॉर्डन का निर्माण करना है।
हर साल रंग-रोदन व लेवलिंग का नाटक
बदहाली की व्यथा बयां कर रहा बरही के शासकीय महाविद्यालय के इस बॉटनिकल गार्डन में एक भी पौधे भले ही जीवित अवस्था मे नही है, लेकिन पिछले 3 साल से इस गार्डन को मेंटेन करने के नाम पर रंग-रोदन, मिट्टी लेवलिंग व खरपतवार को हटाने के नाम पर शासकीय राशि की होली जरूर खेली जा रही है।







