
जनता सरकार ने हटा दिया महानदी पुल बैरिकेट्स
31 जुलाई की रात बैरिकेट्स हटने की खबर
अनुशंसा पत्र को ही मान लिए परमीशन
बरही। क्षतिग्रस्त छोटी महानदी पुल मरम्मत कराने के नाम पर 2 साल से बैरिकेट्स में कैद था। 2 साल के अंतराल में न मरम्मत हो पाई और न ही मरम्मत के लिए ठेका हो पाया। गत 15 जुलाई से बाणसागर प्रबंधन देवलौद द्वारा जारी पत्र सोशल मीडिया में वायरल हुआ, जिसमे जनसुविधा के मद्देनजर क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येंद्र पाठक की मांग का हवाला देते हुए पुल से छोटे वाहन ऑटो, ई-रिक्शा सहित मरीजों की आवाज़ाही के लिए एम्बुलेंस का आवागमन के लिए अनुशंसा की गई, जिसे लोगो ने परमीशन समझते हुए सोशल मीडिया में पुल से आवागम बहाल होने का खूब बखेड़ा खड़ा किया, जिसे वाहन चालक भृम में पड़ गए और बरही-मैहर मार्ग से जाने लगे, जब महानदी पुल पहुँचते तो उन्हें पुल बंद मिलता। इस तरह भटकते वाहन चालको को फिर लौटने की मजबूरी के अलावा कोई दूसरा विकल्प ही नही था। भृमित जनमानस को सचेत करने के मकसद से सोशल मीडिया में खबरे प्रसारित की गई, जिससे जनमानस भटकाव से बच सके।
अब खबर आ रही है कि महानदी पुल में लगे बैरिकेट्स के एक हिस्से को रात हटा दिया गया है, किसने हटाया यह किसी को खबर नही है, जिससे 1 अगस्त से महानदी पुल से अब छोटे वाहन आसानी से गुजर जाएंगे। सोशल मीडिया के में ही पुल खुलने की जानकारी आई है, जिसका वीडियो खूब वायरल हो रहा है।
जब इच्छा हो तब कराना मरम्मत
2 साल से परेशान जन मानस ने अब अपने आने-जाने का इंतजाम खुद करते हुए शायद यह संदेश शासन-प्रशासन को दे दिया है कि अब किसी परमीशन की जरूरत है ही नही, जब इच्छा हो तब मरम्मत कराना, अब बहुत हो गया।
इनका कहना है:-
अभी तक किसी भी तरह की परमीशन नही मिली है, महानदी पुल का बैरिकेट्स खोलने की भी जानकारी नही है, यदि ऐसा हुआ है तो दिखवाते है:-महेश मंडलोई (एसडीएम) विजयराघवगढ़ अनुविभाग







