
कटनी में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा का भंडाफोड़
2 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य सरगना फरार
कटनी। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ कटनी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्यवाई में 2 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, तो वही नगदी सहित करीब ढाई लाख कीमती विभिन्न सामग्री जब्त की गई है।
मुख्य सरगना फरार
माधवनगर थाना पुलिस ने संयुक्त टीम के साथ दबिश देकर ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाला मुख्य सरगना मौके से फरार हो गया। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया एवं सीएसपी नेहा पच्चीसिया के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी संजय दुबे के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार 18 मई 2026 को उप निरीक्षक योगेश मिश्रा को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हॉस्पिटल लाइन निवासी मुकेश उर्फ मुक्कू पोपटानी अपने साथियों के साथ ऑनलाइन आईपीएल क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना के आधार पर थाना कोतवाली पुलिस एवं साइबर सेल टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए रफी किदवई वार्ड स्थित दुबे कॉलोनी में गगन नाकरा के मकान पर दबिश दी गई। दबिश के दौरान पुलिस ने हॉस्पिटल लाइन माधवनगर निवासी मुकेश उर्फ मुक्कू पोपटानी तथा सूरत जिले के वराछा निवासी हितेश डायाभाई खूट (पटेल) को ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करते हुए गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी मोबाइल और लैपटॉप के माध्यम से आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे। मौके से पुलिस ने 07 मोबाइल फोन, 10 बैंक पासबुक, 19 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप, एटीएम स्वाइप मशीन, जियो वाई-फाई राउटर, हिसाब-किताब की कॉपी, कैलक्युलेटर एवं ₹4,800 नगद जप्त किए। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग ₹2.50 लाख बताई गई है।
गगन नाकरा के घर से संचालित था नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह पूरा नेटवर्क उनके मित्र एवं मकान मालिक गगन नाकरा के कहने पर संचालित किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान गगन नाकरा फरार मिला, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। साथ ही जब्त बैंक खातों और एटीएम कार्डों की जानकारी संबंधित बैंकों से जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में निरीक्षक राखी पाण्डेय, उप निरीक्षक योगेश मिश्रा, प्रधान आरक्षक श्रीकांत सेन, आशीष श्रीवास, सुग्रीवधर बड़गैया, आरक्षक लोकेन्द्र सिंह, उमाकांत तिवारी, मणि सिंह, महिला आरक्षक आरती सैय्याम, विवोद विश्वकर्मा, विवेक मिश्रा एवं साइबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।







