कटनी में भारत सरकार के उपक्रम में श्रमिकों का शोषण?… कुटेश्वर माइंस के मजदूरों ने खोला मोर्चा…बरही के खन्ना-बंजारी रेलवे साइडिंग के श्रमिकों की काम बंद हड़ताल

IAS Coaching

भारत सरकार के उपक्रम में श्रमिकों का शोषण?

कुटेश्वर माइंस के मजदूरों ने खोला मोर्चा, रेलवे साइडिंग के श्रमिकों की काम बंद हड़ताल

बरही/कटनी। कटनी जिले के बरही क्षेत्र के गैरतलाई स्थित कुटेश्वर माइंस की खन्ना-बंजारी रेलवे साइडिंग में कार्यरत श्रमिकों ने शनिवार से काम बंद हड़ताल शुरू कर दी। श्रमिकों ने माइंस प्रबंधन और ठेकेदार पर वेतन, बोनस, रिट्रेन्चमेंट राशि सहित अन्य श्रमिक सुविधाओं का भुगतान न करने तथा श्रमिकों के शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं।

हड़ताल कर रहे श्रमिकों का कहना है कि नए ठेकेदार द्वारा पिछले 4 माह से मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया, जबकि पुराने ठेकेदार के समय का वेतन, बोनस और रिट्रेन्चमेंट का भुगतान भी अब तक लंबित है। श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें महीने में 26 दिन काम देने की सहमति होने के बावजूद केवल 10 से 15 दिन ही काम दिया जा रहा है।

16 सूत्रीय मांग पत्र के बदले मिली FIR की धमकी

श्रमिक राजेश जायसवाल ने आरोप लगाया कि गत माह माइंस प्रबंधन को 16 सूत्रीय मांग पत्र भेजा गया था, जिसमें समय पर वेतन, बोनस, सुरक्षा उपकरण, स्वास्थ्य सुविधाएं, मेडिकल परीक्षण, पेयजल, शौचालय और पुराने ठेकेदार से बकाया भुगतान दिलाने सहित कई मांगें शामिल थीं। उनका आरोप है कि मांगों पर कार्रवाई करने के बजाय प्रबंधन ने डाक के माध्यम से नोटिस भेजकर झूठे प्रकरण में फंसाने और काम से निकालने की धमकी दी।

828 श्रमिकों का लाखों रुपये बकाया होने का दावा

हड़ताल कर रहे श्रमिकों का दावा है कि करीब 828 श्रमिकों का पुराने ठेकेदार के पास 50 से 60 हजार रुपये प्रति श्रमिक के हिसाब से वेतन, बोनस और रिट्रेन्चमेंट का भुगतान लंबित है। श्रमिकों का कहना है कि प्रबंधन ने भुगतान कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक राशि नहीं मिली।

श्रमिक दिलीप रजक ने आरोप लगाया कि नए ठेकेदार ने भी पिछले चार माह से मजदूरी का भुगतान नहीं किया है। उन्होंने कहा कि पहले रैक में ओवरलोडिंग का अतिरिक्त भुगतान मिलता था, जिसे भी बंद कर दिया गया है। साथ ही सुरक्षा उपकरणों के नाम पर केवल हेलमेट दिए गए हैं, जबकि अन्य आवश्यक सुरक्षा सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई। श्रमिकों ने स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का भी आरोप लगाया।

इनका कहना है:- मजदूरों के काम बंद करने की जानकारी के बाद मैं मजदूरों के पास ही पहुँचा हूँ और उनकी समास्याएँ सुन रहा हूँ, उनकी मांगों को लेकर ठेकेदार और माइंस प्रबंधन से चर्चा की जाएगी और मजदूरों का हक दिलाया जाएगा-लाल जी मिश्रा, श्रमिक नेता

फिलहाल श्रमिक अपनी मांगों को लेकर काम बंद कर आंदोलन पर डटे हुए हैं। माइंस प्रबंधन और संबंधित ठेकेदार का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

Leave a Comment

[democracy id="1"]