
एमपी राज्यसभा चुनाव में बीजेपी का बड़ा दांव
तीसरी सीट पर भी उतार सकती है उम्मीदवार!
सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल
भोपाल। एमपी में राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा ने तीसरी राज्यसभा सीट पर भी जीत का दावा ठोकते हुए राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के संकेतों के बाद यह माना जा रहा है कि भाजपा अंतिम समय में तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारकर चुनावी समीकरण बदलने की रणनीति पर काम कर रही है।
प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होना है। भाजपा ने पहले ही दो उम्मीदवारों के रूप में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और संगठन के वरिष्ठ नेता रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतार दिया है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है।
हालांकि विधानसभा में वर्तमान संख्या बल के आधार पर भाजपा को दो और कांग्रेस को एक सीट मिलना लगभग तय माना जा रहा था, लेकिन भाजपा नेताओं के हालिया बयानों ने राजनीतिक समीकरणों को रोचक बना दिया है। प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने संकेत दिया था कि यदि पार्टी तीसरा उम्मीदवार उतारती है तो उसकी जीत सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी तीसरी सीट को लेकर आत्मविश्वास जताया है।
230 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं। ऐसे में तीसरी सीट पर मुकाबला होने की स्थिति में दलों की रणनीति, क्रॉस वोटिंग की संभावनाएं और निर्दलीय अथवा अन्य दलों के समर्थन की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
भाजपा के इस संभावित दांव ने कांग्रेस खेमे की चिंता बढ़ा दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि तीसरे उम्मीदवार की घोषणा होती है तो राज्यसभा चुनाव केवल औपचारिक प्रक्रिया न रहकर प्रतिष्ठा का मुकाबला बन सकता है। फिलहाल दोनों दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।







