
*????️बरही में चोरी भी और डकैती भी????️*
*नदी, नाले की रेत भरे ट्रेक्टरों से 4 हजार लेकर थमा रहे टोकन*
*अवैध धंधे की अवैध नाका लगाकर अवैध वसूली*
*मैनेजर और मुंशी की भूमिका अदा कर रहे जिम्मेदार*

कटनी। जिले की बरही तहसील वैसे भी चोरी के मामले में कुख्यात है, लेकिन इस बार घर व दुकानों में नही बल्कि नदी, नालों से रेत चोरी हो रही है और रेत चोरी के इस अवैध धंधे में डकैती भी पड़ रही है, जी हां रेत चोरी के इस कारोबार को वैध करने के लिए वकायदा 4 हजार रुपए के टोकन काटे जा रहे है, जो टोकन नही लेगा उसकी खैर नही…
हर ट्रेक्टर 4 हजार रुपए की वसूली कराने के लिए नाका लगाया गया है, उत्तर प्रदेश के 2 दिन में और 2, रात में कर्मचारी तैनात किए गए है…इसके अलावा निगरानी के लिए अलग से कर्मचारी तैनात किए गए है। इस सम्बन्ध में बरही के तहसीलदार आदित्य प्रकाश द्विवेदी का कहना था की बरसात नदी से रेत नही निकल सकती, यदि ऐसा हो रहा है तो कार्यवाई की जाएगी, वही जिला माइनिंग अधिकारी डॉ रत्नेश कुमार दीक्षित का फोन स्विच आफ रहा, जिससे उनसे सम्पर्क नही हो पाया।
*जाजागढ से कारोबार*
बरसात के चलते भले ही एनजीटी की रोक है,
वाबजूद इसके बरही तहसील के जाजागढ़ क्षेत्र की नदी, नालों से रेत की चोरी हो रही है और यही टपरे में संचालित नाका से हर ट्रेक्टर से 4 हजार रुपए लेकर टोकन दिए जा रहे है। आखिर यह अवैध धंधा किसके संरक्षण में चल रहा है! सूत्रों की माने तो जिम्मेदार अधिकारी मैनेजर और उसके मातहत मुंशी की भूमिका अदा करने में जुट गए है… धोखे से भी जिस रेत चोर ने 4 हजार का टोकन लिए बिना चोरी से भागा तो पकड़े जाने पर उसकी खैर नही…..
*स्टाक खत्म, फिर भी कट रहा ट्रांजिट पास*
इधर रेत ठेका कम्पनी बरसात में बरही स्थित स्टाक से रेत का कारोबार कर रही थी,
पिछले 1 सप्ताह से यहां स्टाक खत्म है, वाबजूद इसके स्टाक के नाम पर बकायदा ट्रांजिट पास/टीपी जारी हो रही है।







