
आस्था, भक्ति का बरही में अलौकिक दृश्य, काबड़ यात्रा में शामिल सैकड़ो भोलेभक्त
माँ कालीधाम कोनिया से विजयनाथधाम बरही तक बोल बम की गूँज
भोलेनाथ की भक्ति में लीन समूचा बरही अंचल
जलाअभिषेक, रुद्राभिषेक, हवन, पूजन, भण्डारा और काबड़ यात्रा भी
विशेष कवरेज:-बरही से आनंद सराफ

बरही/कटनी। विजयनाथधाम बरही में श्रावण के चौथे सोमवार के अवसर पर शिवभक्ति में लीन भक्तों का जनसैलाब उमड़ा। सुबह से ही मंदिर में भोलेभक्त कतार में भोलेनाथ का दीदार करने बेताब थे, तो वही मंदिर परिषर में आस्था, भक्ति का अनूठा दृश्य नजर आ रहा था। जलाअभिषेक, रुद्राभिषेक, हवन-पूजन, भजनों की सुमधुर प्रस्तुतिया, भण्डारा और प्रसाद वितरण का सिलसिला अनवरत जारी रहा। मंदिर प्रांगण में व्यवसायी नीरज अग्रवाल, पत्रकार दीपक अग्रवाल परिवार द्वारा भण्डारा और प्रसाद वितरण का आयोजन किया जा रहा था, जिसमे मंदिर समिति के पदाधिकारी सहभागी बनकर व्यवस्था बनाने और प्रसाद वितरण में जुटे हुए थे।
मेला प्रांगण में सार्वजनिक भण्डारा

विजयनाथधाम मंदिर के ठीक नीचे पुराने मंगल भवन प्रांगण में सार्वजनिक भण्डारे का आयोजन किया गया था, जहां मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को पंगत में बैठाकर भोग-प्रसाद खिलाया जा रहा था, भोलेभक्त पूरे उत्साह से सहयोग करने में जुटे हुए थे।
इधर मंगल भवन में काबड़ यात्रियों के लिए थी व्यवस्था


विजयनाथधाम प्रांगण स्थित मंगल भवन के सामने भण्डारे का आयोजन क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येंद्र पाठक द्वारा कराया गया है, जहां से सुबह से ही यहां आने वाले भोले भक्तों को प्रसाद का वितरण करने में यशपाठक मित्र मंडल के कार्यकर्ता जुटे हुए थे, वही काबड़ यात्रियों के लिए यहाँ भोजन-प्रसाद की विशेष रूप से व्यवस्था की गईं है। बताया गया है की जलाभिषेकके उपरान्त सभी काबड़ियों को पंगत में बैठाकर भोजन प्रसाद वितरित किया जाएगा।
कोनिया से विजयनाथ पहुँच रहे काबड़ यात्री

भोले नाथ की भक्ति में समूचा बरही अंचल लीन है। महानदी का जल लेकर कोनिया धाम से सैकड़ो भोलेभक्त बोल बम का जयकारा लगाते हुए बरही के सरकार भगवान विजयनाथ जी का जलाअभिषेक करने पहुँचे रहे थे। 10 किलोमीटर की पैदल इस काबड़ यात्रा का दृश्य अलौकिक नजर आ रहा है। यात्रा साढ़े 3 बजे ग्राम उबरा पहुंच चुकी थी, बरही बस स्टैंड में करीब साढ़े 4 बजे और विजयनाथधाम में शाम साढ़े 5 बजे काबड़ यात्रियों के पहुंचने की संभावना है। जगह जगह इन भोले भक्तों का स्वागत करने के लिए पंडाल सजे हुए है, ढोल नगाड़ा की थाप पर गजब का उल्लास है, पुष्प वर्षा का भी दौर चल रहा है।







