
वाटर फिल्टर प्लांट में ड्यूटी में तैनात कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मचा हड़कंप,पुलिस कर मामले की जांच
उमरिया व कटनी जिले में द इंडियन हुमन प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा गांव-गांव पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है जिसमें कर्मचारियों से बगैर सुरक्षा उपकरण के काम लिया जा रहा है उमरिया जिले के मानपुर विधानसभा मुख्यालय अंतर्गत इंदवार क्षेत्र के ग्राम झाल स्थित वाटर फिल्टर प्लांट में ड्यूटी में तैनात एक कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार झाल निवासी सुजीत प्रजापति उम्र 25 वर्ष रोजाना की तरह वह वाटर फिल्टर प्लांट में काम करने गया था । जिसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई घटना की सूचना आग की तरह फैल गई जिसके बाद परिजन प्लांट के जिम्मेदारों के बीच तना तनी का माहौल निर्मित हो गया। वहीं मानपुर व इंदवार थाना पुलिस ने मोर्चा सम्हाला दोनो पक्षों को समझाइश देते हुए मामला शांत कराया। मृतक के भाई ने बताया की मेरे भाई की कुछ दिनों से तबियत खराब थी जो बार बार छुट्टी मांग रहा था लेकिन जिम्मेदारों के द्वारा छुट्टी नही दी गई और बीमार व्यक्ति से बराबर काम लिया गया। वहीं रोज की तरह गुरुवार को भी सुबह करीब 08 बजे वह वाटर प्लांट पर काम करने गया था जिसके बाद दोपहर करीब 12 बजे के आस पास जब मैं खाना पहुंचाने गया तो मेरा भाई दिखाई नहीं दिया। खोज बीन करने के बाद देखा की उसका फोन पास वाले कमरे में चार्ज हो रहा है जहां से पता चला की उसकी ड्यूटी पानी टैंक में बन रहे झाग को साफ करने में लगाया गया है तब प्लांट में बने भारी भरकम पानी टैंक पर जाकर ढूंढा तो पानी में भाई के चप्पल तैर रहे थे तभी मुझे शंका हुई तो उक्त जानकारी कंपनी के जिम्मेदारों को दिया जिसके बाद टैंक का पानी कम किया गया तो पानी के अंदर मृत अवस्था मे मिला जिसके बाद अन्य लोगों की मदत से मृतक को पानी से बाहर निकाला गया।
कंपनी के जिम्मेदारों पर उठ रही शंका
घटना के बाद कंपनी के लोगों ने मामले को छुपाने के लिए घर में किसी को सूचना दिए बगैर मृतक का सव मानपुर सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में लाकर छोड़कर भाग निकले। जहां डाक्टर ने जांच उपरांत मृत घोषित कर दिया वहीं घटना की सूचना पर मानपुर अस्पताल में भारी भीड़ लग गई। भीड़ को देख पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। घटना दुर्घटना को भांपते हुए मोर्चा सम्हाला वहीं परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था। इसी बीच परिजनों ने पुलिस प्रशासन को बताया की कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश यादव बगैर सुरक्षा उपकरण के काम कराता है जोखिम भरा कार्य मजदूरों से लिया जाता हैं कर्माचारियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है परिजनों ने पुलिस से संबंधित व्यक्तियों पर निष्पक्ष जांच कर ठोस कार्यवाई की मांग किया है अब देखना यह होगा की पुलिस प्रशासन गरीब मजदूर के मौत के मामले में क्या कार्रवाई करती है या फिर मात्र आश्वासन तक कार्रवाई सीमित रहेगी।
प्रोजेक्ट मैनेजर पर फूट पड़ा गुस्सा
घटना के बाद जहां सैकड़ो लोगों की भारी भीड़ लग गई तो वहीं बगैर सुरक्षा उपकरण के काम कराने वाले प्रोजेक्ट मैनेजर के ऊपर ग्रामीणों का गुस्सा फोड़ पड़ा ग्रामीणों का कहना है कि प्रोजेक्ट मैनेजर की तानाशाही के कारण उक्त व्यक्ति की जान गई है उनके द्वारा कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर ध्यान नहीं दिया जाता यदि समय रहते उनकी सुरक्षा का ध्यान दिया जाता तो ऐसी घटना घटित नहीं होती।







