
*आज विजयनाथधाम में बाज रहे डमरू…*
*नाच रहे शिव जी, बांध-बांध घुघरू*

*महाशिवरात्रि पर बरही के शिव मंदिर प्रांगण में सुबह से डमरू की थाप और शहनाइयों की धुन बज रही है*
(बरही से आनंद सराफ)
कटनी/बरही। भोले-भंडारी भगवान शिव की अपार कृपा पाने का सबसे बड़ा और खास शुभ अवसर महाशिवरात्रि शिव-पार्वती वैवाहिक वर्षगांठ का यह अनमोल दिन हर शिवभक्त के लिए खास है। कटनी जिले के विजयनाथधाम शिव मंदिर में आस्था, भक्ति का विशाल जनसैलाब सुबह से ही उमड़ पड़ा है, जहां हर भोलेभक्त विजयनाथ जी का दर्शन पाने लालायित है। मंदिर प्रांगण में सुरक्षा व्यवस्था के माकूल इंतजाम बनाए रखने के मद्देनजर बरही टीआई शैलेन्द्र सिंह यादव अपने पूरे पुलिस अमले के साथ मुस्तैद है, ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो, वही मंदिर समिति के सदस्य भी व्यवस्था बनाने में जुटे हुए है।
मंदिर प्रांगण में भोले भक्तों की भारी भीड़ के बीच ऐसा अनुभव हो रहा है जैसे आज विजयनाथधाम में बाज रहे डमरू, नाच रहे शिव जी बांध-बांध घुघरू। जी हां सुबह से ही मंदिर प्रांगण में शहनाई ओर डमरू की धुन सुनाई पड़ रही है, जिससे विजयनाथधाम में हिमांचल का दर्शन भी हो रहा है।
*दर्शन भी, मेला का आंनद और बारात की दिव्यता का इंतजार भी*
समूचे विजयनाथधाम का दृश्य भक्तिमयी वातावरण में तब्दील है। भोलेभक्त दर्शन भी कर रहे है, मेला का लुफ्त भी उठा रहे है, प्रसाद-भंडारा का भी आनंद उठा रहे है और शाम को निकलने वाली भगवान भोलेनाथ की दिव्य, भव्य व दुर्लभ बारात देखने का बेसब्री से इंतजार भी कर रहे है।
कटनी जिले ही नही समूचे प्रदेश में बरही में भगवान भोलेनाथ की बारात अलग अंदाज में निकाली जाती है, आस्था-भक्ति भाव की गंगा में डुबकी लगाने भोलेभक्तो का सैलाब उमड़ता है। इस बार बारात का दृश्य और भी विहंगम होने वाला है। सबसे खास आकर्षण महाकाल अखाड़ा के सुप्रीमो बाबा महाकाल खुद बारात में डमरू बजाते हुए रथ पर सवार रहेंगे, तो वही भोलेनाथ की जीवांत झांकी आकर्षण का केंद्र रहेगी।







