
*ये तो हद हो गई…*
*कही मौतों का गड्ढा न बन जाए महानदी पुल के पास बना गड्ढा*
*व्यवस्था के नाम पर प्रशासन का ये कैसा अमानवीय व्यवस्था*
कटनी। बरही-मैहर मार्ग का पुल अभी तक मुसीबत का सबब बना हुआ था, लेकिन 3 दिन पूर्व प्रशासन द्वारा आवागमन को बाघित करते हुए विशालकाय गड्ढा खोद दिया गया, जो अब जानलेवा बन चुका है। सोमवार की रात डीघी गांव का रहने वाला अवधेश नामक युवक उसी गड्ढे में गिर कर रक्तरंजित हो गया, जिसे ग्रामीणों ने अस्पताल तो पहुँचा दिया, लेकिन उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। रक्तरंजित युवक को देख आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन की इस अमानवीय व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि अब तो हद ही हो गई।
गौरतलब है कि विगत दिवस ग्रामीणों ने बैरिकेट्स में कैद महानदी पुल का बैरिकेट्स तोड़ कर आजाद करा दिया था, जिसके बाद यहां से वाहन गुजरने लगे थे। इसकी भनक लगते ही किसी अनहोनी से बचने के मद्देनजर एसडीएम के निर्देश पर पुल के इस पाए विशाल गड्ढा करा दिया गया, जिसमे गिरकर अनजान बाइक सवार मौत के मुंह मे पहुँच रहे है। 2 दिन पूर्व भी रात के अंधेरे में 2 युवक गिरकर घायल हुए थे।
*कम से कम इंडिकेशन तो बनाते*
4 पहिया वाहन महानदी पुल से न क्रॉस होने पाए, इसके लिए प्रशासन ने खाई बना डाली, जिसमे अनजान बाइक सवार रात में गिर कर जिंदगी-मौत के बीच जूझ रहे है। खाई बनाने के साथ इंडिकेशन लगाना था, लेकिन गड्ढा खोदकर प्रशासन ने अपनी शायद जिम्मेदारी पूरी कर दी…अब लोग मरे या जीवन से यूं ही संघर्ष करें। 2 साल से पीड़ा झेल रहे ग्रामीणों को जानलेवा गड्ढा ने और भी मुसीबत में धकेल दिया है।







