
सरकार के खिलाफ सड़क में उतरी बरही क्षेत्र की जनता
2 साल से बेड़ियों में कैद महानदी पुल से आवागमन बहाल करने की मांग
महानदी पुल संघर्ष मोर्चा के तत्वाधन में एक दिवसीय प्रदर्शन
बरही। सरकार के विरोध में बरही क्षेत्र की जनता सड़क पर उतर आई। हाथों में लाल झंडा लिए जनमानस नारेबाजी करते हुए हमारी मांगे पूरी करो का नारा लगा रही थी। व्यापारियों ने अपनी दुकानें पूरी तरह से बंद रख आंदोलन का पुरजोर समर्थन किया। पिछले 2 साल से मरम्मत के इंतजार में महानदी पुल बंद है, जिससे पीड़ित जनता कराह रही है, जनता को 2 साल में कोरा आश्वासन ही मिला, जिससे इस आंदोलन में हर वर्ग की सहभागिता देखी गई। आंदोलन की अगुआई कर रहे तुलसी प्रसाद पांडेय का कहना था कि यह आंदोलन जनता की पीड़ा का आंदोलन है, अब आश्वासन नही महानदी पुल से यातायात की बहाली चाहिए।
बेरिकेड्स में कैद है पुल
महानदी पुल संघर्ष मोर्चा के तत्वाधन में आयोजित एक दिवसीय प्रदर्शन में समूचा बरही अपने आप बंद हो गया। दुकानदारों ने दुकानों का ताला ही नही खोला। दुकानें बंद रख व्यापारियों ने सरकार की निष्क्रियता का विरोध किया, तो वही ग्रामीण अंचल से आए लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए 2 साल से बेड़ियों में कैद बरही-मैहर मार्ग स्थित छोटी महानदी पुल से यातायात बहाल कराने की मांग कर रहे थे। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तुलसी प्रसाद पांडेय का कहना था कि महानदी पुल बंद होने से ग्रामीण लाचार और परेशान है, पुल की तत्काल मरम्मत कराने व मरम्मत के पूर्व छोटे वाहनों के लिए अनुमति मिल जाए तो मरीजों के लिए स्कूली विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत होगी।
बरही नगर के नए बस स्टैंड में एकत्रित हुए ग्रामीण महानदी पुल से यातायात बहाल कराने की मांग को लेकर नगर में पुरजोर नारेबाजी के साथ रैली निकाली जा रही थी। नगर भृमण का काफिला पुराने बस स्टैंड की ओर कूच कर रहा था, जहां अपनी मांगों को लेकर मंचीय कार्यक्रम आयोजित होगा। सुरक्षा व्यवस्था में मद्देनजर बरही के साथ ही कैमोर, विजयराघवगढ़, कटनी से भी पुलिस बल पहुँचा हुआ था, तो वही प्रशासनिक अमला तैनात रहा।







