
बरही में आपसी रजामंदी से निपटे 164 मामले
नेशनल लोक अदालत बरही में क्रिमिनल के 58 प्रकरण में हुई सुलह
बरही/कटनी। विवादों का निपटारा कराने के लिए नेशनल लोक अदालत सहूलियत का रास्ता बनकर घरों में खुशहाली लाने में भी मददगार साबित हो रहा है। व्यवहार न्यायालय बरही में व्यवहार न्यायाधीश प्रथम श्रेणी श्रीमती विजयश्री सोनकर द्वारा लोक अदालत में 164 प्रकरणों का निराकरण कराया गया, जिसमे क्रिमिनल के 58 मामलों के साथ ही चेक बाउंस के 6 प्रकरण, 1 घरेलू हिंसा और सबसे अधिक 100 प्रकरण मोटर व्हीकल एक्ट के आपसी रजामंदी से शनिवार को निपट गए। इन प्रकरणों का निराकरण कराने में तहसील अधिवक्ता संघ बरही के पदाधिकारियों के साथ सभी अधिवक्ताओं की सराहनीय भूमिका रही।
रूठे भाई-भाई, चाचा-भतीजी, पति-पत्नी भूले गिले-शिकवे
लोक अदालत में 2 साल से जुदा पति-पत्नी एक होकर खुशी-खुशी अपने घर लौटे। नगर परिषद बरही क्षेत्र के हरतला के सुरेश सिंह गौड़ का विवाद पत्नी शांति बाई से 2 साल से चल रहा था, दोनों अलग-अलग रह रहे थे, दोनों के 2 बच्चे भी है, ऐसी स्थिति में परिवार में तनाव होने से पूरा परिवार बिखर रहा था। आज दोनों के बीच सुलह कराया गया, दोनों के अब विवाद न करने की कसमे भी खाई और दोनों एक बार फिर एक-दूजे के होकर अपने घर लौटे। वही ग्राम बग्धरी-लुरमी के रहने वाले रूपलाल गौड़ 65 वर्ष का विवाद उसकी भतीजी मनीषा सिंह गौड़ से चल रहा था, जमीन के हिस्से को लेकर मारपीट, गाली-गलौज का मामला दर्ज हुआ था। इन दोनों के बीच भी सुलह हो गई। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सचिन्द्र सिंह बघेल, पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता बी डी अवस्थी, अधिवक्ता मनीष दुबे, अधिवक्ता विजय कुशवाहा ने उक्त प्रकरण को सुलह कराने में अहम रोल अदा किया। लोक अदालत में जमीनी और पारिवारिक विवादों का निराकरण होने से वर्षों से रूठे पति-पति, भाई-भाई, चाचा-भतीजी गिले शिकवे भूलकर अपने-अपने घरों को लौटे।







