
नदी के किनारे खेत मे लहलहा रहे थे गांजे के पौधे
बरही के बरन महगवां में हो रही थी गांजे की खेती
घेराबंदी कर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, फसल भी जब्त
कटनी/बरही। खेत मे फसल की आड़ में गांजा की भी खेती की जा रही थी। इस मामले की भनक लगते ही पुलिस ने दबिश देते हुए गांजा की फसल को मौके पर ही नष्ट कराते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्यवाई बरही थानाक्षेत्र के खितौली चौकी अंतर्गत ग्राम बरनमोहगवां में हुई है।


इस संबंध में बरही थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह यादव के हवाले से मिली जानकारी मुताबिक पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन के मार्गदर्शन में गांजा तस्करी और बिक्री के खिलाफ बीते दिनों कई कार्यवाहियां देखने को मिली लेकिन गांजे की खेती पहली दफा पकड़ी गई है। ग्राम बरनमहगवा में गांजे की खेती किए जाने की सूचना मुखबिर के द्वारा पुलिस को मिली थी। मामला गंभीर होने पर पूरे मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन को दी गई, जिसके बाद एसपी श्री रंजन के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन में विजयराघवगढ़ एसडीओपी केपी सिंह के द्वारा गांजे की खेती पकड़ने के लिए बरही और खितौली पुलिस की संयुक्त टीम ने गांजे वाले खेत की तलाश करते हुए काफी मशक्कत के बाद गांजे की खेती करने वाले आरोपी को दबोच लिया।
उमराड़ नदी के किनारे गांजा की खेती
बरनमहगवा निवासी 63 वर्षीय शीतल प्रसाद पिता स्वर्गीय राम प्रसाद तिवारी के द्वारा उमराड नदी के समीप स्थित अपने खेत में अन्य फसलों के साथ गांजे के पौधे भी लगाए गए थे। खेत में एक झोपड़ी भी बनी थी। झोपड़ी के आसपास अधिकतर गांजे के पौधे लगे हुए थे। बीती शाम लगभग बरही/खितौली पुलिस ने जब वहां दबिश दी तो आरोपी पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगा। जिसे घेराबंदी करके पकड़ा गया। पुलिस के द्वारा आरोपी शीतल प्रसाद तिवारी के खेत से लगभग आधा सैकड़ा बड़े गांजे के लहलहाते पौधे पकड़े गए हैं।
कुछ पौधों को मौके पर कराया नष्ट
बताया तो यह भी जा रहा है कि कई पौधे ऐसे थे जो की साइज में छोटे थे, जिन्हें पुलिस ने जप्त नहीं किया और उन्हें तत्काल वहीं पर नष्ट कर दिया। आरोपी के खेत से लगभग 4 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद किया गया आरोपी के खिलाफ 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही की गई। आरोपी के खेत से जप्त किए गए गांजे की बाजारू कीमत लगभग 42 हजार रुपए बताई जा रही है।







