
हनुमंतिया की तर्ज पर कोनिया का होगा विकास
3 किलोमीटर जल मार्ग तय कर पहुँचे प्राचीन माँ चंदिन धाम इटौरा
जल पर्यटन की संभावना तलाशने कलेक्टर अवि प्रसाद ने किया 6 किलोमीटर का जल विहार
माँ कालीधाम कोनिया से 3 किलोमीटर दूर इटौरा चंदिन धाम पहुँचे कटनी के कलेक्टर
कोनिया में वोटिंग की संभावना पर पर्यटन विकास निगम के इंजीनियर को निरीक्षण कर प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत करने निर्देश
*कोनिया से लौटकर आनंद सराफ*

कटनी/बरही। बाणसागर के जल भराव क्षेत्र कोनिया में जल पर्यटन की संभावनाओं के मद्देनजर कटनी के संवेदनशील कलेक्टर अवि प्रसाद 6 किलोमीटर का जल विहार करने के उपरांत पर्यटन विकास निगम के इंजीनियर को तिमुआ ग्राम सरपंच तीरथ पटेल के साथ निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। यहां जल पर्यटन की अपार संभावनाएं है, क्रूज या स्टीमर चलाने से यहां पर्यटक आकर्षित होने के साथ रोजगार के अवसर भी सृजित होगें और पंचायत की आय भी बढ़ेगी। यदि ऐसा होता है तो यह क्षेत्र हनुमंतिया की तर्ज पर विकसित होकर पर्यटकों को खूब आकर्षित करेगा।
दरअसल कटनी कलेक्टर अवि प्रसाद गुरुवार को विजयराघवगढ़ क्षेत्र के भृमण पर निकले थे। शाम करीब 4 बजे वे माँ कालीधाम कोनिया पहुँचे, जहां से स्टीमर के माध्यम से वे 3 किलोमीटर दूर माँ चंदिन धाम इटौरा पहुँचे। यहां नाव के माध्यम से पहले से ही इटौरा के ग्रामीण व मंदिर समिति के पदाधिकारी पहुँचे हुए थे। कलेक्टर के साथ एसडीईआरएफ की टीम व विजयराघवगढ़ के तहसीलदार वी के मिश्रा, प्रसन्न वर्मा, सीईओ वृजेश जैन, पर्यटन विकास निगम के इंजीनियर नीरज शुक्ला भी मौजूद थे।

दूरविन से देखते रहे दृश्य
बाणसागर के जल भराव क्षेत्र का 3 किलोमीटर के जलमार्ग का सफर रोमांचित करने वाला था। कलेक्टर श्री प्रसाद दूरविन से दूर-दूर तक का व्यू देखकर पूरे सफर का लुफ्त उठाते रहे।
पूजा-अर्चना कर निरीक्षण
चंदिन धाम इटौरा पहुँचकर कलेक्टर श्री प्रसाद ने माँ काली की पूजा-अर्चना कर जिले की सुख-समृद्धि की कामना की। तदुपरांत मंदिर प्रांगण का निरीक्षण कर मंदिर समिति के पदाधिकारियों से चर्चा की।
कोटवार लालजी से हुए प्रभावित
गाँव के कोटवार लालजी पूरी तैयारी के साथ मुस्तैद थे, वे सारे खसरा-खतौनी, नक्शा के साथ डटे रहे, कलेक्टर को उन्होंने मंदिर की भूमि के बारे में नक्शा दिखाया। ग्राम कोटवार की मुस्तैदी देख कलेक्टर खुश हुए और कोटवार के जज्बे की तारीफ भी की। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने मंदिर तक पहुँचने के लिए सड़क निर्माण कराने की मांग रखी।
3 किलोमीटर, 45 मिनट का सफर
कोनिया से इटौरा जल मार्ग 3 किलोमीटर का सफर तय करने में करीब 45 मिनट का वक्त लगा। लौटते वक्त अंधेरा हो चुका था। दरअसल इटौरा पहुँचने के लिए महानदी पुल बंद होने की वजह से कलेक्टर जल मार्ग से इटौरा पहुँचे और यहां विकास की संभावनाओं को करीब से देखा गया।

कोनिया लौटकर पूजा, फिर निर्देश
इटौरा से वापस जल मार्ग से कोनिया पहुँचे कलेक्टर श्री प्रसाद में मां काली की पहले पूजा-अर्चना की, फिर वहां मौजूद पर्यटन विकास निगम के इंजीनियर नीरज शुक्ला को गाँव के सरपंच तीरथ पटेल को साथ लेकर निरीक्षण कर यहाँ स्टीमर/मोटरवोट चलाने का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देश दिए।







