
यूँ ही कर कोई कलेक्टर नही बन जाता, जिनमे कुछ अलग करने की चाह हो, जिनमे समाज मे बदलाव लाने का जज्बा हो, जिनमे सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमो को बखूभी इम्लीमेंट करने का मजबूत इरादा हो। ऐसी ही क्षमता वाले कलेक्टर बनकर समाज की बेहतरी के लिए कार्य करते है। बात कटनी कलेक्टर अवि प्रसाद को हो रही है, जो बच्चों संग पंगत में बैठकर मध्यान्ह भोजन का स्वाद चख रहे है, जिसका उद्देश्य भोजन करना स्वाद चखना नही है, बल्कि बच्चों को पौष्टिक व रुचिकर भोजन मिल रहा है या नही इसे ख्याल में रखकर यह कटनी के कलेक्टर का शायद प्रयास है।
जी हां कटनी जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों को वितरित मध्यान्ह भोजन को स्वयं चखकर उसकी गुणवत्ता परखने और जिले के नौनिहालों को बेहतर शिक्षा के माध्यम से उनके भविष्य को संवारने की मुहिम में जुटे जिले के संवेदनशील कलेक्टर अवि प्रसाद ने मंगलवार को सुबह शहरी क्षेत्र की पुरैनी आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 164 का औचक निरीक्षण किया। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह भी मौजूद रहे। कलेक्टर श्री प्रसाद ने बिरसा मुंडा वार्ड क्रमांक दो में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 164 में नन्हे -मुन्ने बच्चों से बात किया, उन्हें लाड़-दुलार किया और टाफियां भी दीं।
कलेक्टर द्वारा बच्चों से किये गये सहज संवाद पर उनके द्वारा टूटी-फूटी और तोतली जुबान से दिये गये बाल सुलभ त्वरित और स्मार्ट जवाब से कलेक्टर खासे प्रभावित हुए।
कलेक्टर ने बच्चों से यहां मिलने वाले नाश्ते और भोजन के बारे में भी बात की। कलेक्टर ने यह भी पूछा कि -किस-किस बच्चे को नाश्ता और खाने में क्या -क्या पसंद है । बच्चों ने भी खुलकर कलेक्टर को अपनी-अपनी पसंद की खानें की चीज़ों का नाम बताया। कलेक्टर द्वारा यह पूछे जाने पर कि आंगनबाड़ी में मिलने वाला खाना कैसा लगता है? जवाब में बच्चों ने समवेत स्वर में कहा -अच्छा।
बच्चों की सहजता, निश्छलता और उनकी तोतली बातों से वात्सल्य रस में सराबोर कलेक्टर श्री प्रसाद ने बच्चों से पूछा खाना खाने के पहले कौन-कौन बच्चा हाथ धुलता है और प्रार्थना करता है।इस पर बच्चों ने सहमति में हाथ उठाकर बताया। इसके बाद कलेक्टर श्री प्रसाद ने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया । मंगलवार को तय मेनू के अनुसार खाने में पूड़ी, आलू -मटर की रसेदार सब्जी, ढोकला,गाजर- मूली का सलाद, जलेबी और लजीज खीर परोसी गई।कलेक्टर ने बच्चों से आंगनवाड़ी केन्द्र में कराई जाने वाली प्रार्थना , अक्षर ज्ञान, कविता, गिनती , हिन्दी एवं अंग्रेजी वर्णमाला और रंगों की पहचान आदि के बारे में पूंछा और सुना। जहां अमर पनिका ने कलेक्टर को आंगनबाड़ी केंद्र के दीवार में लिखे अंग्रेजी महीनों का नाम पढ़ कर सुनाया,। वहीं रागिनी पनिका ने अंग्रेजी वर्णमाला और अपूर्वा कोल ने एबीसीडी …. सुनाया।इस पर कलेक्टर श्री प्रसाद सहित सभी बच्चों ने तालियां बजाकर उत्साह वर्धन किया।
कलेक्टर श्री प्रसाद ने मौके पर मौजूद रहे जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह को निर्देशित किया कि जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों में दिए जाने वाले बच्चों के भोजन की गुणवत्ता में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका द्वारा गर्भवती महिलाओं तथा कुपोषित और कमजोर बच्चों के पालकों से गृह भेंट की भी जानकारी प्राप्त की।इस दौरान सुपरवाइजर श्रुति मिश्रा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रभावती निषाद और आंगनबाड़ी सहायिका भारती दाहिया मौजूद रहे।







