14-14 लाख के ईनामी 4 नक्सलियों को हॉक फोर्स ने किया ढेर, 3 महिलाओं समेत 1 पुरुष नक्सली को सुलाई मौत की नींद,विगढ.के पूर्व एसडीओपी केपी सिंह के नेतृत्व में सर्चिंग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने दुर्दांतों के सीने में भर दीं गोलियां

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14-14 लाख के ईनामी 4 नक्सलियों को हॉक फोर्स ने किया ढेर, 3 महिलाओं समेत 1 पुरुष नक्सली को सुलाई मौत की नींद
पूर्व एसडीओपी केपी सिंह के नेतृत्व में सर्चिंग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने दुर्दांतों के सीने में भर दीं गोलियां

कटनी। अपराध के खिलाफ हमारी जंग जारी रहेगी दिमाग में जुनून और जिगर में दमदारी रहेगी जी हां कानून के एक मुहाफिज की कार्यशैली कुछ ऐसा ही उदाहरण प्रस्तुत कर रही है और कानून के उस जांबाज अफसर का नाम है केपी सिंह, अपनी कार्य क्षमता का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए विजयराघवगढ़ के पूर्व एसडीओपी केपी सिंह ने अपनी टीम के साथ मिलकर 14-14 लाख के ईनामी 4 नक्सलियों को ढेर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।कटनी जिले के विजयराघवगढ़ में एसडीओपी के पद पर सेवा काल के दौरान अपराध के प्रति सख्त, आम जनता से सीधा संवाद, सहज स्वभाव के लिए अपनी पहचान बनाने वाले और लोगों के दिलों में अपनी विशेष छाप छोड़ने वाले केपी सिंह ने अपनी बहादुरी का परचम फिर से लहरा दिया। विजयराघवगढ़ से बालाघाट स्थानांतरित हुए पुलिस अफसर केपी सिंह और उनकी टीम ने 4 नक्सलियों के सीने में गोलियां भर दीं और उन्हें ढेर कर दिया। वर्तमान में एसडीओपी केपी सिंह बालाघाट में हॉक फॉर्स में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हॉक फोर्स की टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए सर्चिंग अभियान में निकले एसडीओपी केपी सिंह नक्सलियों के लिए काल साबित हुए। उन्होंने हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया जिनमें तीन महिला एवं एक पुरुष नक्सली शामिल हैं। जानकारी अनुसार पूर्व विजयराघवगढ़ एसडीओपी केपी सिंह जिस टुकड़ी का नेतृत्व कर रहे थे उस टुकड़ी ने चार में से तीन नक्सलियों को ढेर किया, जबकि एक नक्सली को स्लीमनाबाद के पूर्व एसडीओपी अखिलेश गौर की टुकड़ी ने ढेर करने में सफलता हासिल की। हॉक फोर्स की इस बड़ी कार्यवाही में श्री सिंह की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण थी।थाना रुपझर, चौकी सोनेवानी अन्तर्गत पचामादादर-कटेझिरिया जंगल क्षेत्र में जी.आर.बी. डिवीजन के नक्सलियों के एक समूह की उपस्थिति की सूचना के बाद हॉक फोर्स, जिला पुलिस, कोबरा फोर्स व सीआरपीएफ बल द्वारा पचामादादर-कटेझिरिया जंगल क्षेत्र में सर्चिग ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई लेकिन सुरक्षा बलों ने अपनी जान की परवाह नहीं बल्कि पूरी बहादुरी के साथ नक्सलियों का डट कर सामना किया और में जवाबी कार्यवाही जारी रखी। अंततः सुरक्षा बलों की बंदूकों से निकलने वाली गोलियों की बरसात ने नक्सलियों के सीने छलनी कर दिए। इस कार्यवाही में 4 हार्डकोर माओवादियों को मौत मिली। मारे गए नक्सलियों के कब्जे में भारी मात्रा में वेपन, विस्फोटक सामग्री आदि बरामद हुए हैं।
*बेहतर कार्यशैली के धनी हैं केपी सिंह*
पूर्व एसडीओपी केपी सिंह भले ही विजयराघवगढ़ से स्थानांतरित हो कर बालाघाट चले गए लेकिन उनकी हिम्मत, दूरदर्शिता, प्रखर दिमाग और अदभुत कार्यशैली की चर्चा आज भी लोगों की जुबान पर रहती है। मादक पदार्थों के विरुद्ध या अन्य अपराधों के खिलाफ तल्ख तेवर रखने वाले श्री सिंह में खास बात यह थी कि फरियादियों को कभी निराश नहीं होना पड़ता था। कैमोर थाना क्षेत्र के अमेहटा निवासी युवक की हत्या को चंद घंटों में सुलझाने की भूमिका निभाने वाले श्री सिंह ने कई ऐसी वारदातों से पर्दा उठाया जो काफी पेचीदा थे। परसवारा के समीप मासूम के अंधे हत्याकांड से पर्दा उठाने में एसडीपीओ केपी सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका थी। इसके अलावा कई ऐसे आपराधिक मामलों का खुलासा केपी सिंह ने अपनी सूझबूझ से किया जिनकी पहली सुलझाना टेढ़ी खीर थी। अब नक्सलियों को मार गिराने में अहम भूमिका निभा कर श्री सिंह ने एक बार फिर अपने शौर्य का शानदार उदाहरण दिया हैं। उनके इस कार्य की काफी सराहना की जा रही है। बताने योग्य है कि नक्सलवाद के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने वाले अफसरों को शासन द्वारा वालेंटियर अवार्ड भी दिया जाता है।

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