
भक्तों का संकट हरने वाले बजरंबली की पूजा में लीन भक्तजन
बरही क्षेत्र की हनुमान मंदिरों में भक्तिभाव से हो रही आराधाना
बरही/कटनी। अंजना और केसरी के पुत्र हनुमान जी को वानर देवता, बजरंगबली और वायु देव का प्रकटोत्सव पूरे भक्तिभाव व धूमधाम से मनाया जा रहा है। बरही नगर के श्री व्यानकटेश मंदिर परिसर में विराजे बाला जी सरकार के दरबार मे श्रीकृष्ण मेहरोत्रा परिवार द्वारा संगीतमयी श्रीरामचरित मानस सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा पाठ, आरती-पूजन उपरान्त प्रसाद का वितरण किया गया। नगर के पंचमुखी हनुमान मंदिर, बस स्टैंड में विराजे संकट मोचन मंदिर, हनुमानगंज में विराजे मारुति नंदन, विजयनाथधाम सहित समूचे क्षेत्र में सुबह से ही पूजन, हवन, भंडारा, कीर्तन व प्रसाद वितरण का कार्यक्रम किया जा रहा था।
क्यों सिंदूर से है इतना प्रेम
बजरंगबली के भक्त इस दिन को बेहद ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाते हैं. एक बार भगवान राम की लंबी उम्र की कामना करते हुए हनुमान जी ने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया था. कहा जाता है तब से ही भगवान हनुमान को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा की शुरुआत हुई.
भगवान राम और सीता के प्रति अपनी अटूट भक्ति वाले हनुमान जी को अंजनेय भी कहा जाता है. हनुमान को उनकी अपार शक्ति और ताकत के लिए पूजा जाता है. हनुमान को विभिन्न नामों से जाना जाता है जिनमें मारुति नंदन, बजरंगबली, पवन पुत्र, वीर हनुमान, सुंदर और संकट मोचन, जो अपने भक्तों के सभी संकटों को दूर करते हैं। सभी का संकट दूर करने वाले पवनसुत की आराधाना व भक्ति में भक्त सुबह से ही लीन नजर आए।







