
(म प्र)
पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अमानगंज रेंज के अंतर्गत कैमरा ट्रैप में पहली बार कैद हुआ भारतीय भेड़िया।
विलुप्त होती प्रजाति में से एक है भारतीय भेड़िया।
एंकर :- पन्ना टाइगर रिजर्व देश दुनिया में बाघो की बढ़ती हुई संख्या के लिए जाना जाता है यहां बाघो की अटखेलिया देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते है। बतादें की पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघो के साथ-साथ गिद्दों ओर तेंदुए के लिए भी जाना जाता है और अक्सर ही यहां नई-नई प्रजाति के वन्य जीवो को भी कैमरा ट्रेप में देखा है ऐसे ही पन्ना टाइगर रिजर्व में एक विलुप्त होती प्रजाति के भारतीय भेड़िये को कैमरा ट्रेप में देखा गया है।
बीओ :- 1 बतादें कि फील्ड डायरेक्टर बृजेन्द्र झा ने बताया कि भारतीय भेड़िये को दुनिया के सबसे लुप्तप्राय और विकासवादी प्रजाति में एक है। ये अलग भूरे या ग्रे भेड़िये की आबादी में से एक हैं। अध्ययन से पता चलता है कि भारतीय भेड़िये, भेड़ियों के सबसे प्राचीन जीवित वंश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। भारतीय भेड़िये तराई भारत और पाकिस्तान तक ही सीमित है, यह घास के मैदानों में मुख्य रूप से निवास करता है। उन्होंने बताया कि यह ग्रुप में रहकर ही शिकार करते है और किसी भी वन्यजीव को जिंदा खाना ही पसंद करते है।
बाईट :- 1 बृजेन्द्र झा (फील्ड डायरेक्टर पन्ना टाइगर रिजर्व)
सौरभ साहू







