
बरही में तेंदुआ का ख़ौफ़… कनौर में गाय फिर का शिकार
बफर जोन की नही मिल रही मदद, लाचार वन अमला
बैंड-बाजा, आतिशबाजी कर अब भगाने का करेंगे जतन
चकमा दे रहा तेंदुआ, झाँसे में नही आने से ख़ौफ़ जारी
- कटनी। जिले के बरही इलाके में तेंदुआ का ख़ौफ़ थमने का नाम नही ले रहा है, उसने बरही हीरापुर, तैयब नगर, खजुरा नाला सहित कनौर गाँव को 10 दिन से स्थायी अड्डा बना लिया है और हर दिन मवेशियों का शिकार कर रहा है। गुरूवार की अलसुबह खूंखार तेंदुआ ने एक बार फिर कनौर गाँव में लल्ला काछी की गाय का शिकार कर लिया है। जंगल विभाग द्वारा पिछड़े के अंदर बांधे गए बकरे के झांसे में वह नही आया और हीरापुर से सटे कनौर गाँव में उसने गाय का शिकार कर दहशत का माहौल बना दिया है। एक दिन पूर्व भी बरही के हीरापुर में मकबूल खान पिता मुस्ताक खान के बछड़े को अलसुबह करीब 4 बजे अपने जबड़े में दबोच लिया था, किसानों के शोर करते हुए बछड़े को जख़्मी कर वह भाग निकला। वन विभाग ने अब तेंदुआ को भगाने के लिए बैंड-बाजा, आतिशबाजी और ग्रामीणों के शोर का सहयोग ले रहा है।
चकमा दे रहा तेंदुआ, पिजड़े के बकरे से दूरी
वन विभाग बरही/बड़वारा के रेंजर गोविन्द नारायण शुक्ला अपने वन अमले के साथ भय और दहशत फैला रहे तेंदुआ को पकड़ने की खूब मसक्कत कर रहे है, पिछड़े के अंदर बकरा बाँधकर उसे कैद करने की कवायद भी कर रहे है, लेकिन शातिर तेंदुआ चकमा दे रहा है और वन विभाग के फैलाए जाल में नही फ़स पा रहा है। क्षेत्र में तेंदुआ का ख़ौफ़ फिलहाल बरकरार है, ग्रामीण दहशत में है और वन अमला लाचार है।
बैंड-बाजा, आतिशबाजी और शोर-शराबा करेंगे
खबर है कि बरही के रेंजर गोविन्द नारायण शुक्ला ने पिछले 10 दिन से तेंदुआ के ख़ौफ़ से ग्रामीणों की व्यथा की कहानी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को बता दी थी, बाँधवगढ़ बफर जोन के अधिकारियों से तेंदुआ को पकड़ने के लिए मदद भी मांगी है, लेकिन किसी भी तरह की मदद न मिलने से अब तेंदुआ को खदेड़ने के लिया बैंड-बाजा, आतिशबाजी और ग्रामीणों की मदद लेने की तैयारी की गईं है।






