
बड़वारा जनपद अध्यक्ष के गांव में क्रशर की धूल से बन रही सड़क
बिचपुरा से जमुनियां पहुँच मार्ग निर्माण का मामला
आजादी के बाद पहली बार यहां के आदिवासी बस्ती में बन रही सड़क में खानापूर्ति
मिट्टी-मुरुम, गिट्टी नही धूल बिछाकर बना दी सड़क
सुदूर सड़क योजना रोजगार गारंटी मद से आरईएस कर रहा निर्माण
कटनी/बरही। कटनी जिले का एक ऐसा गांव जहां आजादी के बाद पहली बार सड़क बनाई जा रही है और सबसे खास बात यह सड़क जनपद पंचायत बड़वारा की अध्यक्ष सुधा जायसवाल के गांव बिचपुरा से जमुनिया टोला तक बनाई जा रही है और इससे भी खास यह की जंगल के बीचों निवास करने वाले आदिवासी परिवारों सुगम सड़क उपलब्ध कराने के मकसद से यह सड़क बनाई जा रही है, लेकिन सड़क निर्माण करने वाली सरकारी एजेंसी आरईएस विभाग के जिम्मेदार सरकारी राशि का बंदरबाट करने की लालच में सड़क निर्माण के नाम पर कोरम पूर्ण करने में जुट गए है। 63 लाख की लागत से बन रही इस सड़क में वेस्ट मटेरियल क्रशर की धूल डाली जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण की खानापूर्ति हो रही है।
रोलर, कम्प्रेशर, पानी का छिड़काव नही
मिट्टी-मुरुम, गिट्टी डालकर पानी का छिड़काव कर रोलिंग करना था, कंप्रेसर चलाना था, लेकिन ऐसा कुछ भी नही हुआ। सीधे क्रेसर की धूल बिछाकर सड़क निर्माण की खानापूर्ति कर दी गई है। यह खानापूर्ति कटनी जिले के बड़वारा जनपद अंतर्गत बरही तहसील के ग्राम पंचायत बिचपुरा के जमुनिया पहुँच मार्ग निर्माण के नाम पर हो रही है।
लंबे इंतजार के बाद बन रही सड़क
बिचपुरा के आदिवासी वस्ती जमुनियां से बिचपुरा का सीधा संपर्क हो जाए, इसके लिए महिला अध्यक्ष ने खूब प्रयास भी किए, राशि स्वीकृत हुई, जंगल का रोड़ा हटाने के लिए फारेस्ट से परमिशन भी दिलाई गई, लंबे इंतजार के बाद सड़क निर्माण का कार्य शुरू हुआ तो उम्मीद की एक नई किरण जागी, लेकिन यहां जिम्मेदार आरईएस विभाग सड़क निर्माण में महज खानापूर्ति करने में जुटा हुआ है।
न सीमेंट, न गिट्टी, सीधे डाल दिए ढोले
सड़क निर्माण के दौरान बरसात में सड़क का कटाव रोकने के लिए छोटी-छोटी पुलिया निर्माण भी शामिल है, लेकिन पुलिया निर्माण के नाम पर भी खानापूर्ति कर दी गई है। बिना बेस डाले ही सीधे ढोल डाल दिए गए है, उनकी मजबूती पर ध्यान नही दिया गया। बिना गिट्टी-सीमेंट के ही पुलिया निर्माण की रस्म अदा कर दी गई है।
अभी काम पूरा नही हुआ-एसडीओ
इस संबंध में आरईएस के एसडीओ राकेश जैन का कहना है कि अभी काम पूर्ण नही हुआ है। जीएसबी के बाद रोलिंग, कम्प्रेशर का काम बाकी है, वही 1 पुलिया भी बनेगी, शेष जगह ढोल डाले गए है, यह काम विभाग कर रहा है, सप्लायर को अभी 14 लाख रुपए का पेमेंट किया गया है।







